Wed 03 Jun 2026
Breaking News Exclusive
आत्मसम्मान आंदोलन के 100 वर्षों के इतिहास में अर्जक संघ का महत्वपूर्ण योगदान - जी. करुणानिधि गुर्जर और कुर्मी दोनों समाज एक साथ बैठे तो क्या हुआ निर्णय? सरदार सेना के दबाव पर गार्गी पटेल के हमलावरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज लखनऊ में 31 मई को होगा अर्जक संघ का कार्यक्रम राम खेलावन पटेल जिला अध्यक्ष तथा दुखीराम वर्मा बने जिला महासचिव, आलोक वर्मा बने प्रदेश युवा अध्यक्ष राजदीप महाविद्यालय में जय श्री वल्लभ राष्ट्रकथा आयोजित भारतीय कुर्मी महासभा ने कराया एक और मृत्युभोज उत्सव का बहिष्कार राणा प्रताप सिंह अध्यक्ष और अजय कुमार सिंह मंत्री निर्वाचित महात्मा जोतीराव फुले और हम एक साथ मनी छत्रपति शिवाजी महाराज और बाबू रामबुलावन सिंह की पुण्यतिथि आत्मसम्मान आंदोलन के 100 वर्षों के इतिहास में अर्जक संघ का महत्वपूर्ण योगदान - जी. करुणानिधि गुर्जर और कुर्मी दोनों समाज एक साथ बैठे तो क्या हुआ निर्णय? सरदार सेना के दबाव पर गार्गी पटेल के हमलावरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज लखनऊ में 31 मई को होगा अर्जक संघ का कार्यक्रम राम खेलावन पटेल जिला अध्यक्ष तथा दुखीराम वर्मा बने जिला महासचिव, आलोक वर्मा बने प्रदेश युवा अध्यक्ष राजदीप महाविद्यालय में जय श्री वल्लभ राष्ट्रकथा आयोजित भारतीय कुर्मी महासभा ने कराया एक और मृत्युभोज उत्सव का बहिष्कार राणा प्रताप सिंह अध्यक्ष और अजय कुमार सिंह मंत्री निर्वाचित महात्मा जोतीराव फुले और हम एक साथ मनी छत्रपति शिवाजी महाराज और बाबू रामबुलावन सिंह की पुण्यतिथि

सुचना

अर्जक संघ का 50वां स्थापना दिवस : आत्मसम्मान आंदोलन के 100 वर्षों के इतिहास में अर्जक संघ का महत्वपूर्ण योगदान - जी. करुणानिधि

Patelon ki Baaten

Mon, Jun 1, 2026

लखनऊ । रविवार को लखनऊ के गांधी भवन के करन भाई सभागार में अर्जक संघ का 59वां स्थापना दिवस समारोह का आयोजन किया गया।

इस कार्यक्रम को मुख्य अतिथि के तौर पर तमिलनाडु सरकार के आंतरिक मामलों के सचिव जी.करूणानिधि ने सम्बोधित करते हुए कहा कि पेरियार ई.वी.रामास्वामी नायकर के आत्मसम्मान आंदोलन के 100 वर्ष पूर्ण हो चुके हैं।

इस आंदोलन के सामानांतर उत्तर भारत में अर्जक संघ ने महत्वपूर्ण काम किया है। उन्होंने कहा कि आज सामाजिक व सांस्कृतिक कारणों से देश की बड़ी तादाद वाली आबादी को विभिन्न मानकों पर दोयम दर्जे की जिंदगी को जीने को मजबूर हैं।

प्रसिद्ध लेखक विद्या भूषण रावत ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि अम्बेडकर और पेरियार की मानवतावादी विमर्श को समाज में उतारने में अर्जक संघ का महत्वपूर्ण योगदान है।

चित्रकार और संस्कृतिकर्मी डा.लाल रत्नाकर ने कहा कि अर्जक संघ ने सांस्कृतिक वर्चस्ववाद के खिलाफ क्रांतिकारी चुनौती दी।आज सांस्कृतिक वर्चस्ववाद को रोकना व खत्म करना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है।

प्रो.रीता चौधरी ने कहा कि अर्जक संस्कृति ने महिलाओं को नैसर्गिक न्याय व अधिकार के पक्ष में है। कार्यक्रम की अध्यक्षता अर्जक संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवकुमार भारती ने की।

इस अवसर पर कार्यक्रम में वैज्ञानिकवादी, मानवतावादी सांस्कृतिक चेतना को गति प्रदान करने पर चर्चा हुई।अर्जक संघ का मानना है कि रोजगार, धन, धरती पर आबादी के अनुपात में हिस्सेदारी हो। कार्यक्रम का संचालन डॉ. दिलीप गौतम ने किया।

इस अवसर डॉ. अनूप पटेल, मनोज पासवान, चन्द्रभान यादव, कामरेड राहुल यादव, सुनील वर्मा, मुरली मनोहर कनौजिया, श्यामू चौधरी, भागवत पटेल, हरीश गंगवार, अनिल यादव मास्टर, आलोक यादव, कपिल भार्गव, हरीश, ब्रजेश समेत सैकड़ों लोग शामिल रहे।

Tags :

lucknow

arjak sangh

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें

विज्ञापन