गुर्जर और कुर्मी महासभा की संयुक्त बैठक लखनऊ में संपन्न : गुर्जर और कुर्मी दोनों समाज एक साथ बैठे तो क्या हुआ निर्णय?
Patelon ki Baaten
Sat, May 30, 2026
लखनऊ। हैप्पीनेस मैरिज लॉन, मेंन रिंग रोड, टेढ़ी पुलिया में गुर्जर एवं कुर्मी महासभा की संयुक्त बैठक शुक्रवार को भारतीय कुर्मी महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष इंजी. केके चौधरी की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक के मुख्य अतिथि भारतीय कुर्मी महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और सगड़ी विधानसभा के विधायक डॉ. एचएन सिंह तथा विशिष्ट अतिथि गुर्जर महासभा के राष्ट्रीय महासचिव चौधरी लोकेश गुर्जर, भारतीय कुर्मी महासभा के वरिष्ठ राष्ट्रीय उपाध्यक्ष आर पी चौधरी, गुर्जर महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. निर्भय गुर्जर, कुर्मी महासभा के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष इंजी. राजेंद्र पटेल, गुर्जर नेता देवेंद्र कसाना, प्रदीप पटेल, प्रोफेसर अभिषेक वर्मा, गुर्जर महासभा के राष्ट्रीय सचिव निशांत वैशला, गुर्जर महासभा के प्रदेश अध्यक्ष परविंदर नागर एवं प्रदेश महासचिव प्रवीण राठी जी रहे तथा कार्यक्रम का संचालन कुर्मी महासभा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. हरिश्चंद्र पटेल ने किया।

बैठक के दौरान मुख्य अतिथि सगड़ी विधानसभा के विधायक डॉ. एचएन सिंह ने मुख्य एजेंडा पर चर्चा करते हुए कहा कि गुर्जर और कुर्मी समाज दोनों मूल रूप से कृषि कार्यों से जुड़े हुए हैं। दोनों का रहन-सहन खान-पान एक जैसा ही है। इसलिए यदि दोनों समाज एक मंच पर एकजुट होते हैं तो उत्तर प्रदेश में एक बहुत बड़े सामाजिक मंच का निर्माण हो सकता है। इससे दोनों समाज की सामाजिक, शैक्षिक एवं राजनीतिक स्थिति में स्थाई परिवर्तन और विशाल समृद्धि हो सकती है। इसके साथ ही यह उत्तर प्रदेश में सबसे बड़ा सामाजिक संगठन होगा। जिसकी शासन सत्ता में सबसे अधिक भागीदारी सुनिश्चित हो सकती है।

गुर्जर महासभा के राष्ट्रीय महासचिव चौधरी लोकेश गुर्जर ने कहा कि गुर्जर और कुर्मी समाज में व्याप्त सामाजिक विसंगतियों, कुरीतियों, अंधविश्वास एवं पाखंडवाद को समाप्त कर हम एक स्वच्छ एवं जागरूक समाज की स्थापना कर सकते हैं, जिससे हमारे समाज का बहुमुखी विकास होगा। आगे उन्होंने कहा कि गुर्जर और कुर्मी महासभा की यह ऐतिहासिक बैठक है और इसका आगाज लखनऊ से हो रहा है। आगे गुर्जर और कुर्मी समाज की बैठक लगातार होती रहेगी। एक बैठक लखनऊ में हुई है तो दूसरी बैठक सहारनपुर में होगी। तीसरी पूर्वांचल में तो चौथी पश्चिमांचल में होगी। इस तरह लगातार हमारी बैठक होती रहेगी और हम निरंतर समाज को जागरूक एवं संगठित करने का प्रयास करते रहेंगे। हम कॉमन मिनिमम प्रोग्राम बनाएंगे। इसके आधार पर सामाजिक एकीकरण करके शासन सत्ता में अपने हक - अधिकार की मांग भी राजनीतिक दलों से करेंगे। जिससे कुर्मी और गुर्जर समाज की सबसे अधिक भागीदारी सुनिश्चित हो सके।

प्रदेश अध्यक्ष डॉ. हरिश्चंद्र पटेल ने कहा कि गुर्जर और कुर्मी समाज दोनों आधुनिक भारत के निर्माता, भारत रत्न, लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल को अपना पूर्वज मानते हैं। इसलिए हम दोनों समाजों के एकीकरण में किसी प्रकार की कोई बाधा नहीं होगी। हम दोनों समाजों का एकीकरण करके आपस में भाईचारा एवं रोटी - बेटी का रिश्ता कायम कर सकते हैं।
झांसी से पधारे गुर्जर नेता और प्रख्यात समाजसेवी देवेंद्र कसाना ने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल ने 562 रियासतों का एकीकरण करके विशाल और आधुनिक भारत का निर्माण किया है। हम सब उनके वंशज हैं। इसलिए दोनों समाजों को एकजुट करके प्रदेश में शासन सत्ता में समुचित भागीदारी निभा सकते हैं।
भारतीय कुर्मी महासभा के वरिष्ठ राष्ट्रीय उपाध्यक्ष आर पी चौधरी ने कहा कि वर्तमान सामाजिक परिस्थितियों को देखते हुए गुर्जर और कुर्मी समाज दोनों को आपस में रोटी - बेटी के संबंध बनाने की दिशा में मजबूत प्रयास करना चाहिए।
गुर्जर और कुर्मी महासभा की बैठक के आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले भारतीय समतामूलक महासभा के राष्ट्रीय महासचिव एडवोकेट ब्रजलाल लोधी ने कहा कि कुर्मी और गुर्जर समाज मुख्य रूप से कृषि कार्य से जुड़े हुए हैं और इनका रहन-सहन, खान-पान एक जैसा ही है। यदि यह दोनों समाज एकजुट होकर उत्तर प्रदेश में राजनीतिक दिशा में सकारात्मक प्रयास करते हैं तो कृषि कार्य करने वाली जातियां शासन सत्ता में मजबूत भागीदारी निभा सकती हैं।
गुर्जर महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. निर्भय सिंह ने कहा कि गुर्जर और कुर्मी महासभा की बैठक का जो दौर आज से शुरू हुआ है, उसका भविष्य में सकारात्मक एवं सुखद परिणाम अवश्य निकलेगा। इसकी शुरुआत तो 15, 20 साल पहले हो जानी चाहिए थी। लेकिन भारतीय कुर्मी महासभा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ हरिश्चंद्र पटेल एवं गुर्जर महासभा के राष्ट्रीय महासचिव लोकेश गुर्जर ने आज इसकी शुरुआत करके ऐतिहासिक पहल किया है। आगे इसके बहुत ही शानदार परिणाम होंगे।
इस दौरान देवरिया से पधारे प्रदेश संगठन सचिव विजय पटेल, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष इंजी. राजेंद्र पटेल, राष्ट्रीय सचिव निशांत बैसला, प्रदेश सचिव सत्य प्रकाश वर्मा, प्रदेश उपाध्यक्ष आर के सिंह, प्रदेश उपाध्यक्ष महेश पटेल, प्रदेश अध्यक्ष परविंदर नागर, प्रदेश महासचिव प्रवीण राठी, प्रदेश सचिव ब्रम्हा सिंह पटेल, प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ प्रशांत कुमार पटेल, संजय प्रधान, मनोज गुर्जर, देवेंद्र चौधरी, प्रमोद सिरोही, मनोज गुर्जर, नवाब गुर्जर, संदीप चौधरी आदि ने अपने-अपने विचार व्यक्त के किए।
अंत में भारतीय कुर्मी महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष इंजी. केके चौधरी ने बैठक को शानदार एवं अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि गुर्जर और कुर्मी समाज सरदार पटेल के वंशज होते हुए कृषि कार्यों से जुड़ा हुआ समाज है। यदि उत्तर प्रदेश में हम सब एकजुट हुए तो इसका बड़ा संदेश पूरे देश में जाएगा और परिणाम अत्यंत सुखद रहेगा। अंत में उन्होंने कोटि-कोटि आभार जताते हुए सभी के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया।
कार्यक्रम के दौरान इंजी के के चौधरी, एडवोकेट ब्रजलाल लोधी, डॉ. हरिश्चंद्र पटेल, डॉ. प्रशांत कुमार पटेल, इंजी राजेंद्र पटेल, वीरेंद्र पटेल, मुकेश कुमार, लोकप्रिय विधायक डॉ एच एन सिंह पटेल, शुभम सिंह, ब्रह्म सिंह पटेल, रविंद्र कुमार पटेल, एडवोकेट मनोज गुर्जर, मनोज चौधरी, नवाब गुर्जर, संदीप सिंह, अमर सिंह, एडवोकेट परविंदर नगर, प्रमोद सिरोही, सुशील गुर्जर, विक्रम सिंह वर्मा, नंदलाल वर्मा, श्यामवीर चौधरी, डॉक्टर नरेश चौधरी, आर पी चौधरी, नारायण सिंह, राजकुमार, प्रोफेसर डॉ अभिषेक वर्मा, देवेंद्र कसाना, एडवोकेट संजय डेरा, हरिश्चंद्र प्रधान, कृष्ण पाल पटेल, महेश पटेल, गुलाब सिंह, मोहम्मद शमी खटाना, विनय सिंह चौहान, रवि चौहान, मेसर काली चौहान, एडवोकेट पंकज गुर्जर, सुमित भाटी गुर्जर, विशांत बैसला, छोटेलाल पटेल, विजय पटेल, मनोज सिंह, विजय बहादुर सिंह पटेल, परमेश्वर पटेल, आर के सिंह पटेल, मायाराम चौधरी, घनश्याम चौधरी, चौधरी संजय प्रधान, सुशील डायरेक्टर, जयपाल सिंह, राजनंद वर्मा, देवेंद्र चौधरी, रविंदर वर्मा, वीरेंद्र कुमार, मनोज वर्मा, सुशील निरंजन, संजीव कुमार गंगवार, अंकित गंगवार, नितिन चौधरी, जगन्नाथ वर्मा, मंसाराम वर्मा, प्रदीप पटेल, चमन सिंह पटेल, सत्य प्रकाश वर्मा, प्रदुम सिंह, मनोज राजभर, एस पी सिंह, राजकुमार वर्मा, हरिकेश वर्मा सहित सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।
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